न्यूज टुडे नालंदा – जिलाधिकारी का एक्शन स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक में कई पर गिरी गाज पढ़े खबर….

दीपक विश्वकर्मा की रिपोर्ट ( 9334153201 )  – जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हरदेव भवन सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई। जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन का अनुपालन नहीं किए जाने को लेकर बिहार पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा जिला के 13 नर्सिंग होम/ क्लीनिक को बंद करने का आदेश दिया गया था।इसके अनुपालन में अब तक एक संस्थान को ही बंद किया गया है। जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए 24 घंटे के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसका अनुपालन नहीं करने के कारण संबंधित  प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा गया।
 परिवार नियोजन के अनुश्रवण एवं इसके तहत मुआवजा के प्रावधान को सुनिश्चित करने हेतु हेतु जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक अविलंब कराने का निदेश जिला पदाधिकारी ने दिया।
 ओपीडी में मरीजों का ऑनलाइन निबंधन की व्यवस्था कराने हेतु पायलट बेसिस पर अनुमंडलीय अस्पताल हिलसा में 15 दिनों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। शेष अस्पतालों में भी इसे प्रारंभ करने के लिए कवायत करने  का निर्देश दिया गया। बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नूरसराय एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक नूरसराय से स्पष्टीकरण पूछा  गया।
 सदर अस्पताल में कुछ आशा एवं अन्य पारा मेडिकल स्टाफ की मिलीभगत से मरीजों को निजी नर्सिंग होम में दलालों के माध्यम से भेजने का मामला संज्ञान में आने पर जिला पदाधिकारी ने सदर अस्पताल के सभी सीसीटीवी को अविलंब कार्यरत करने का निर्देश दिया। इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी को अस्पताल की जांच कर ऐसे कर्मियों एवं दलालों की पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
 रेड क्रॉस द्वारा संचालित ब्लड बैंक में एक डॉक्टर एवं एक टेक्निशियन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। ब्लड बैंक में आवश्यकतानुसार फर्नीचर एवं अन्य उपस्कर की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश रेड क्रॉस सोसाइटी को दिया गया।
 सदर अस्पताल में मार्च महीने में अल्ट्रासाउंड मशीन की आपूर्ति की गई है, परंतु अब तक इसे क्रियान्वित नहीं किया गया है। जिला पदाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा सिविल सर्जन से स्पष्टीकरण पूछा। उन्होंने सदर अस्पताल में कार्यरत सभी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों को अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु विभाग से अनुरोध करने का निर्देश दिया।
 जिला में कालाजार के 3 मरीज पाए गए हैं। इन सभी मरीजों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्राथमिकता देते हुए आवास उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। आवास दिलाने हेतु इन तीनों मरीजों की सूची उप विकास आयुक्त को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
 स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पैरामीटर के आधार पर विभिन्न प्रखंडों की रैंकिंग में थरथरी पहले स्थान पर तथा परवलपुर द्वितीय स्थान पर रहा है। इस रैंकिंग में एकंगर सराय अंतिम स्थान पर रहा है। जिला पदाधिकारी ने एकंगरसराय के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण पूछा।
जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत 31 मई तक 1हजार 545 लाभुकों का भुगतान लंबित पाया गया। इस संदर्भ में बताया गया कि सीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से लाभुकों के भुगतान में कुछ तकनीकी समस्या आ रही है। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस समस्या का अविलंब निराकरण कर सभी लोगों का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करें अन्यथा दोषी पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
 जिला पदाधिकारी ने सदर अस्पताल एवं सभी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की व्यवस्था एवं कार्य प्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने का स्पष्ट रूप से निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी।
 जिला पदाधिकारी सिविल सर्जन कार्यालय के कार्यकलाप  से  काफी असंतुष्ट हुए  तथा  प्रधान लिपिक  से  स्पष्टीकरण  भी पूछा।  उन्होंने  जिला में  स्वास्थ्य सुविधाओं के अनुश्रवण के लिए सिविल सर्जन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा उनके विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया।
 बैठक में सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सहित केयर इंडिया के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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