बैंगलोर की टीम टेली आइसीयू के माध्यम से यहां पर गंभीर मरीजों का करेंगे मानीटरिंग

 

Nalanda   महानगरों की तर्ज पर बिहार शरीफ हाईवे पर बड़ी पहाड़ी में नालंदा हड्डी एवं रीढ़ सेंटर  में टेली आइसीयू क्लाउड फिजिशियन की शुरूआत रविवार को की गई । यह सेवा के लागू होने से अब गंभीर मरीजों का इलाज टेली  के माध्यम से यहां होगा।  टेली आइसीयू क्लाउड फिजिशियन की शुरूआत के मौके पर अस्पताल के संचालक डा. कुमार अमरदीप नारायण, उनकी धर्मपत्नी डा. रश्मि नारायण और बैंगलोर से आए डा. संदीप कुमार ने बताया कि नालंदा हड्डी एवम रीढ अस्पताल अपने बहुआयामी के साथ ही अब बेहतर क्रिटिकल केयर व इंटेंसिविस्ट की सुविधा से जुड़कर मरीजों की बेहतर गहन चिकित्सा में योगदान दे रहा है।

इसी कार्य में बंगलोर स्थित क्लाउड फिजिशियन की टीम से यह अस्पताल जुडकर मरीजों की बेहतरीन सेवा की ओर अग्रसर हो रहा है। डा. रश्मि नारायण ने कहा कि क्लाउड फिजिशियन एक हेल्थकेयर कंपनी है जो तकनीक का लाभ उठाकर केयर की डिलेवरी को बदल रही है। प्रशिक्षित क्रिटिकल केयर कर्मियों वाले देखभाल केन्द्रों को दूरस्थ रूप से आइसीयू से जोडने के लिए क्लाउड फिजिशियन अपनी खास प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म, राडार का उपयोग करता है।

उन्होंने कहा कि यह विशेषज्ञ 24 वाई 7 रोगियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए राडार का उपयोग करते हैं। जिससे देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होता है। बंगलोर से आए डा. संदीप ने बताया कि राडार कंप्यूटर दृष्टि और प्राकृतिक भाषा प्रोसेसिंग जैसे उपकरणों का उपयोग करके वास्तविक समय में रोगी डेटा का डिजिटलीकरण और विश्लेषण करता है और देखभाल केन्द्र में सुपर विशेषज्ञ डाक्टरों को डयग्नोसिस निर्णय सहायता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि रीढ़ हड्डी अस्पताल में लगे कैमरे से राडार के माध्यम से बंगलोर के विशेषज्ञ गंभीर मरीजों की हालात को देखकर उनका समाधान करते हैं। जिसका बीमार रोगियों के उपचार में बेहतर परिणाम सामने आते हैं। 


स्टोरी दीपक विश्वकर्मा

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